*फैसले की घड़ी है!*
*फैसले की घड़ी है!* *आत्मा ही परमात्मा है!* जिन्हें अपनी ताकत पर, अपनी अर्थव्यवस्था पर बड़ा गुरूर था। वे महाशक्तियां अब घुटनों के बल बैठने पर मजबूर हो रही हैं...! परमात्मा को ना मानने वालों का "हश्र" क्या होता है? जो अपने को सुपर पॉवर समझते हैं, कुदरत के सामने सरेंडर करने का वक्त आ गया है! अभी भी वक्त है सचेत हो जाओ..! सुधर जाओ..! यही है "कोरोना प्रकोप" "प्रकृति से खिलवाड़!" "कुदरत का कहर!" यह एक सजा है! वे लोग में अधिक विनाशकारी कष्ट झेल रहे हैैं? ऐसे लोगों की "प्रतिरोधक क्षमता" इम्यून सिस्टम, कम होती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर क्यों होती है? इसका बड़ा कारण है अति-आत्मविश्वास! (गुरूर) ऐसे लोग ने कुदरत के नियमों का पालन नहीं करते... चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है. लोगों में घबराहट और परेशानियां बढ़ रही है! अपने स्वार्थ में लोगों का ब...